हर साल में

July 23, 2008 by Pawan

महिला (अपनी सहेली से) – बहुत परेशान हो गई हूँ।

सहेली – क्या हुआ?

महिला – हर साल में एक बच्चा हो जाता है।

सहेली – तू एक काम कर, साल भर अपने पति के साथ मत सो।

महिला – ये भी कर के देख चुकि, कोई फायदा नहीं हुआ।

 

महिला मण्डल में (1)

July 23, 2008 by Pawan

ब्लन्ड वूमन*1* (अपनी सहेली से)- मैंने आज डॉलर खंरीदे हैं।

सहेली – यूरो क्यों नहीं?

ब्लन्ड महिला – डॉलर सस्ते बिक रहे थे।

*1* ब्लन्ड वूमन/गर्ल (सुरहरे बाल वाली या भूरी) को पश्चिमी सभ्यता में मूर्ख माना जाता है।

लोग कहते हैं – भूरी ने सोचना शुरु ही किया था कि बालों पर स्याहि आने लगी मतलब, भूरी औरते बिलकुल नहीं सोचती।

गलियारे में (1)

July 23, 2008 by Pawan

प्रश्न – पुतिन*1* और मिद्वेदिव*2* (मेदवेदेव) में क्या अन्तर*3* है?

उत्तर – इन दोनों शब्दों का कोई भी अक्षर एक-दूसरे से मेल नहीं खाता।

*1*  Vladimir Putin रूस के पूर्व राष्ट्रपति तथा वर्तमान प्रधानमन्त्री। पुतिन शब्द का अर्थ – सुलझा हुआ, चरित्रवान, सज्जन या सही व्यक्ति इत्यादि होता है।

*2* Dmitriy Medvedev रूस के वर्तमान राष्ट्रपति (उच्चारण मिद्वेदिव् है)। रूसी भाषा में शब्द के एक ही स्वर पर जोर देते हैं अर्थात् बड़ा आ, बड़ी इ, बड़ा उ, बड़ा ए या बड़ा ओ में से एक ही स्वर किसी शब्द में हो सकता है।  यहां के बाद वाले पर जोर है, अन्य दो ए कोमल होकर में बदल गए हैं। लिखा जाता है मेद्वेदेव् पढ़ा जाता है मिद्वेदिव्। इस शब्द का रूसी में अर्थ है भालू और भालू का अर्थ होता है शहद का ज्ञानी

*3*पुतिन दो बार रूस के राष्ट्रपति रहे क्योंकि यहां के संविधार के अनुसार कोई भी लगातार केवल दो बार ही राष्ट्रपति के पद पर रह सकता है। पुतिन ने भावी राष्ट्रपति के लिए अपने विश्वसनीय मिद्वेदिव का नाम प्रस्तावित कर दिया जिससे कोई कोई इंकार नहीं कर सकता। इस तरह मिद्वेदिव राष्ट्रपति बन गए और पुतिन बक़सूर प्रधानमन्त्री को बेवक़्त हटा कर उसकी कुर्सी पर बैठ गए। पहले यहां प्रधानमन्त्री की कुर्सी बहुत छोटी थी उसके नीचे पतिन ने खुब सारी ईंटे लगा लीं, अब ये कुर्सी यहां सबसे ऊँची है। अब ये हालत है कि राष्ट्रपति और प्रधानमन्त्री के बीच का अन्तर पता ही नहीं चलता, इसी लिए इस चुटकले का जन्म हुआ।

पति-पत्नी के झगड़े में

July 23, 2008 by Pawan

पति (पत्नी से) – पगली।

पत्नी – हाँ, ठीक ही है। अगर मेरी शादी डॉक्टर से हुई होती तब मैं डाक्टराइन होती।

कोमा में

July 23, 2008 by Pawan

आदमी (अपने दोस्त से) – मैं एक ऐसी लड़की से मिला हूँ जिसे मैं जब किस करता हूँ तो बेहोश हो जाती है।

दोस्त – मुझे कब मिलवा रहा है?

आदमी – फिलहाल वो लड़की कोमा में है।

गरीबी में

July 23, 2008 by Pawan

अमीरी में आदमी ख़राब हो जाता है।

लेकिन ग़रीबी में आदमी घटिया हो जाता है।

रूस में

July 23, 2008 by Pawan

कम जन, अधिक ऑक्सीजन

(मेंशे नारोदु, बोल्शे किस्लारोदु)

मेंशे = कम

नारोद = लोग, जन

बोल्शे = अधिक

किस्लारोद = ऑक्सीजन

(हालांकि रूस की जनसंख्या बहुत कम है लेकिन फिर भी ये बहुत मशहूर है)

ज़िम में

July 17, 2008 by Pawan

एक व्यक्ति अपने मित्र से-

व्यक्ति- मेरी पत्नी जब शाम को घर लौटती है तो बहुत अच्छे मूड में होती है, पहले की तरह नहीं।

मित्र – क्या उसके ऑफिस में नया बॉस आ गया है

व्यक्ति – नहीं, मेरी पत्नी ने शाम का ज़िम ज्वान कर लिया है, कोई पूर्वी यूद्धकला सीखती है।

मित्र- जूडो या कराटे?

व्यक्ति – नहीं।

मित्र – आइकाडो, कुंग-फू?

व्यक्ति – नहीं, वो क्या कहते हैं…..वो…..भारतीय युद्धकला…… हाँ, याद आया… कामसूत्र।

मिट्टी में

July 17, 2008 by Pawan

एक मरीज़ डॉक्टर से अपनी रिपोर्ट के बारे में पूछता है।

डॉक्टर- तुम्हे मिट्टी से नहाना*1* चहिए।

मरीज़- मिट्टी से नहाने पर रोग में सुधार होगा?

डॉक्टर- नहीं, मिट्टी में*2* रहने की आदत हो जाएगी।

*1* पूर्वी यूरोप के देशो में चिकनी मिट्टी से नहाने का प्रचलन बहुत है, हालांकि यहां मुलतानी मिट्टी जैसी बढ़िया मिट्टी नहीं मिलती। चिकनी मिट्टी को रूसी में ग्लीना कहते हैं।

*2* कब्र में

पानी में

July 16, 2008 by Pawan

एक ग़रीब आदमी की तपस्या से प्रसन्न होकर बोग*1* (भगवान्) पूछते हैं क्या चाहिए? आदमी कहता है मैं अमीर बनना चाहता हूँ। बोग कहते हैं ठीक है लेकिन इसकी कीमत ये है कि तू पानी में डूबकर मरेगा। वो आदमी स्वीकार कर लेता है और मन ही मन निश्चय करता है कि कभी पानी में सफर नहीं करेगा।

क्रीम*2* में आराम करने की लॉटरी लग जाती है, तो सोचता है कि तट पर ही धूप सेकुंगा, सागर में नहीं नहाउंगा। जब तट पर आराम से सो रहा होता है उसी समय कोई उसे लॉटरी में जहाज से सैर करने का एक फ्री टिकट दे देता है, मन में लालच आ जाता है। सोचता हैमैं अकेला थोड़ी ही हूँ, वहाँ तो बहुत लोग होंगे, मुझे मारने के लिए बोग सबको तो मारेगें नहीं। जहाज पर सवार हो जाता है।

तट से दूर पहुँचने पर जहाज डूबने लगता है। बोग को पुकारता है, पूछता है, मेरे कारण आप ढाई हजार लोगों को क्यों मार रहे हो?

बोग कहते हैंये तो मैं ही जानता हूँ कि कैसे-कैसे ये 2500 लोग मेंने एक जगह इकट्ठे किये।

*1* बोग मतलब भगवान्, उच्चारण बोग् है। जैसे पवन को हम लोग पवन् उच्चारण करते हैं उसी प्रकार दुनिया की हर भाषा (संस्कृत के अलावा) में है।

*2* यहाँ रस्सिया में सभी लोगों को आराम करने के लिए गर्मी के मौसम में 1 महीने की छुट्टी मिलती है। लगभग सभी लोग किसी गर्म क्षेत्र वाले समुद्री तट पर आराम करने जाते हैं, इनमें से ज्यादातर यूक्रेन के क्रीम नामक क्षेत्र में आराम करते हैं। बहुत से लोग तुर्की और मिश्र के सागर-तट पर आराम करते हैं।

*2*क्रीम यूक्रेन के दक्षिण में है इसके लगभग चारों ओर कालासागर है, उत्तर में सड़क और रेल मार्ग से यूक्रेन की भूमि से जुड़ा है, ये पहले कभी अलास्का की तरह रस्सिया का हिस्सा था,  ख़्रुशोव ने क्रीम यूक्रेन को दे दिया था।

जो बहुत ग़रीब आदमी है वो अपने फार्म-हाऊस (जिसे ये लोग दाचा कहते) में आराम करता है। यहां लगभग हर आदमी का अपना फार्म-हाऊस है, चाहे कितना भी ग़रीब क्यों न हो। ज्यादातर लोगों के एक से ज्यादा फार्म-हाऊस हैं। लेकिन आमतौर से फार्म-हाऊस पर लोग कसकर मेहनत रहते हैं। साल भर के लिए आलू तो जरूर ही उगा लेते हैं। आलू को तहख़ाने में रख कर साल भर खाते हैं। क्योंकि अक्तूबर से अप्रैल तक बर्फ और ठंड के कारण यहां कुछ नहीं उगता।